बिहार शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की निगरानी को और अधिक सख्त एवं पारदर्शी बनाने के लिए BEST+ Mobile App के माध्यम से निरीक्षण व्यवस्था लागू करने का निर्देश जारी किया है।

अब स्कूलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी और निरीक्षण रिपोर्ट सीधे e-Shikshakosh पोर्टल पर उपलब्ध होगी।

इस नए आदेश के बाद शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल खुलने का समय, छात्र उपस्थिति और विद्यालय की व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।

क्या है BEST+ Mobile App?

BEST का पूरा नाम है —

Bihar Easy School Tracking Plus (BEST+)

यह एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम है जिसके माध्यम से शिक्षा विभाग स्कूलों का निरीक्षण करेगा।

इस ऐप की शुरुआत “शिक्षा दिवस 2022” के अवसर पर की गई थी और अब 2026 में इसे और अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग ने क्यों जारी किया नया आदेश?

शिक्षा विभाग ने माना कि विद्यालयों में—

  • शिक्षक अनुपस्थिति
  • स्कूल समय पर नहीं खुलना
  • छात्र उपस्थिति कम होना
  • साफ-सफाई की समस्या
  • मूलभूत सुविधाओं की कमी

जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

इसी कारण अब Real Time Monitoring को अनिवार्य बनाया गया है।

किस अधिकारी को कितने स्कूल देखने होंगे?

शिक्षा विभाग ने प्रत्येक पदाधिकारी के लिए निरीक्षण लक्ष्य तय किया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO)

  • प्रत्येक माह कम से कम 8 प्रारंभिक विद्यालय
  • कम से कम 3 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO)

  • प्रत्येक DPO को 10 प्रारंभिक विद्यालय
  • 4 माध्यमिक विद्यालय निरीक्षण

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO)

  • प्रत्येक माह कम से कम 20 विद्यालय निरीक्षण

यह लक्ष्य हर महीने पूरा करना अनिवार्य होगा।

अब स्कूलों में क्या-क्या चेक होगा?

BEST App निरीक्षण के दौरान निम्न बिंदुओं की जांच की जाएगी—

✅ शिक्षक उपस्थिति
✅ छात्र उपस्थिति
✅ विद्यालय समय पर खुला या नहीं
✅ साफ-सफाई
✅ Mid-Day Meal व्यवस्था
✅ आधारभूत सुविधाएं
✅ ऑनलाइन उपस्थिति
✅ विद्यालय प्रबंधन

अनुपस्थित शिक्षक पर क्या होगी कार्रवाई?

यही इस आदेश का सबसे बड़ा और चर्चित हिस्सा है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यदि निरीक्षण के दौरान कोई शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित मिलता है, तो—

  • उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित दर्ज होगा
  • स्पष्टीकरण पूछा जाएगा
  • वेतन स्थगित किया जा सकता है
  • आगे विभागीय कार्रवाई संभव होगी

 

प्रधानाध्यापक भी नहीं बचेंगे

यदि विद्यालय समय पर नहीं खुलता है या निर्धारित समय से पहले बंद मिलता है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक की मानी जाएगी।

इससे स्पष्ट है कि अब स्कूल संचालन में लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी।

छात्र उपस्थिति कम होने पर क्या होगा?

यदि किसी विद्यालय में छात्र उपस्थिति 60% से कम पाई जाती है, तो—

  • शिक्षकों को अभिभावकों से संपर्क करना होगा
  • विद्यालय शिक्षा समिति की मदद लेनी होगी
  • उपस्थिति 75% से अधिक करने का प्रयास करना होगा

 

निरीक्षण रिपोर्ट कहाँ दिखेगी?

BEST App के माध्यम से तैयार रिपोर्ट—

eShikshakosh Portal

पर उपलब्ध रहेगी।

इससे जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सभी अधिकारी निगरानी कर सकेंगे।

स्कूल निरीक्षण कब से शुरू होगा?

नए आदेश के अनुसार—

21 मई 2026

से राज्य के सभी विद्यालयों में BEST+ App के माध्यम से नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

शिक्षकों में बढ़ी चिंता

इस आदेश के बाद बिहार के शिक्षकों में चर्चा तेज हो गई है।

कई शिक्षक इसे शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में अच्छा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ शिक्षक लगातार डिजिटल निगरानी को लेकर चिंता जता रहे हैं।

सोशल मीडिया और शिक्षक समूहों में यह आदेश तेजी से वायरल हो रहा है।

BEST App कैसे Login करें?

शिक्षा विभाग के अनुसार—

  1. Google Play Store से e-Shikshakosh App डाउनलोड करें
  2. विभाग द्वारा दिए गए User ID और Password से Login करें
  3. BEST Option चुनें
  4. Observation शुरू करें

 

सरकार का उद्देश्य क्या है?

सरकार का मुख्य उद्देश्य है—

  • शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता
  • शिक्षक उपस्थिति सुधारना
  • छात्र उपस्थिति बढ़ाना
  • स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानना
  • शिक्षा गुणवत्ता में सुधार

यह आदेश क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?

यह पहली बार है जब बिहार में इतने बड़े स्तर पर डिजिटल स्कूल मॉनिटरिंग को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

यदि यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हुई, तो—

  • फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी
  • स्कूल समय पर खुलेंगे
  • छात्र उपस्थिति सुधरेगी
  • शिक्षा गुणवत्ता बेहतर होगी

निष्कर्ष

BEST+ Mobile App के माध्यम से बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रही है।

अब स्कूलों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल और रियल टाइम होगी। इससे शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षा अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी।

आने वाले समय में यह व्यवस्था बिहार की शिक्षा प्रणाली में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।

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