SCERT Bihar का नया आदेश क्या है?
बिहार के हजारों शिक्षकों के लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), बिहार द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के अनुसार ऐसे शिक्षक जो शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विभिन्न कारणों से प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर सके थे, उन्हें अब 2026-27 में प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण लेने का अवसर दिया जाएगा।
यह निर्णय केवल प्रशिक्षण की औपचारिकता नहीं है, बल्कि नई शिक्षा व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालय, मॉडल स्कूल तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आखिर यह आदेश जारी करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
SCERT ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान अनेक शिक्षक ऐसे थे जो निम्न कारणों से प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके—
- SIR कार्य में प्रतिनियुक्ति
- बिहार विधानसभा चुनाव संबंधी ड्यूटी
- स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ
- स्वीकृत अवकाश
- अन्य अपरिहार्य प्रशासनिक कारण
ऐसे शिक्षकों को अब दोबारा प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया जा रहा है ताकि कोई भी शिक्षक आवश्यक प्रशिक्षण से वंचित न रहे।
प्रशिक्षण कब होगा?
SCERT के आदेश के अनुसार प्रशिक्षण अवधि—
01 जून 2026 से 20 जून 2026
के बीच आयोजित की जाएगी। संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
किन शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा?
यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से उन शिक्षकों के लिए है—
- जो पूर्व प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके।
- जिनकी चुनाव या सरकारी कार्यों में प्रतिनियुक्ति थी।
- जो स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित रहे।
- जिन्हें विभाग द्वारा वैध कारणों से प्रशिक्षण से छूट मिली थी।
क्या प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है?
इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है।
SCERT ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों को इस बार प्रशिक्षण का अवसर दिया जा रहा है, उन्हें प्रशिक्षण में भाग लेना चाहिए।
यदि कोई शिक्षक अपनी व्यक्तिगत योजना, घूमने-फिरने या अन्य निजी कारणों से प्रशिक्षण में भाग नहीं लेता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
गर्मी की छुट्टियों में ही प्रशिक्षण क्यों?
बहुत से शिक्षक यह प्रश्न पूछ रहे हैं कि प्रशिक्षण ग्रीष्मावकाश में ही क्यों आयोजित किया जा रहा है।
इसके पीछे कई कारण हैं—
1. विद्यालयों का शैक्षणिक कार्य प्रभावित नहीं होगा
यदि प्रशिक्षण विद्यालय खुलने के बाद कराया जाता तो पढ़ाई बाधित होती।
2. पीएम श्री विद्यालयों की तैयारी
नई शिक्षण पद्धति को लागू करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है।
3. मॉडल स्कूल संचालन
राज्य सरकार मॉडल विद्यालयों के बेहतर संचालन के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना चाहती है।
प्रशिक्षण की अवधि कितनी होगी?
SCERT के अनुसार यह
5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण
होगा।
इस दौरान शिक्षकों को प्रशिक्षण केंद्र पर रहकर विभिन्न गतिविधियों में भाग लेना होगा।
क्या क्षतिपूर्ति अवकाश मिलेगा?
जी हाँ।
SCERT ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण अवधि के बदले शिक्षकों को
Compensatory Leave (क्षतिपूर्ति अवकाश)
प्रदान किया जाएगा।
इस अवकाश का उपयोग शिक्षक
31 दिसंबर 2026
तक कर सकेंगे।
प्रशिक्षण में क्या-क्या सिखाया जा सकता है?
यद्यपि आदेश में विस्तृत पाठ्यक्रम का उल्लेख नहीं है, सामान्यतः SCERT प्रशिक्षण में निम्न विषय शामिल रहते हैं—
- NEP 2020
- FLN
- NIPUN Bharat
- गतिविधि आधारित शिक्षण
- समावेशी शिक्षा
- मूल्यांकन प्रणाली
- डिजिटल शिक्षा
- AI आधारित शिक्षण
- PM SHRI विद्यालय मानक
- कक्षा प्रबंधन
- शिक्षण सामग्री निर्माण
इस आदेश का शिक्षकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
सकारात्मक प्रभाव
✔ सभी शिक्षक प्रशिक्षित होंगे।
✔ शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।
✔ नई शिक्षण तकनीकों की जानकारी मिलेगी।
✔ डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
✔ विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम बेहतर होंगे।
संभावित चुनौतियाँ
- गर्मी में प्रशिक्षण
- पारिवारिक कार्यक्रम प्रभावित होना
- पहले से बनी यात्रा योजनाएँ
- लंबी दूरी तय करना
- आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था
शिक्षकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका नाम प्रशिक्षण सूची में है तो—
- समय पर सूचना प्राप्त करें।
- प्रशिक्षण स्थल की जानकारी लें।
- आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
- निर्धारित तिथि पर उपस्थित हों।
- प्रशिक्षण पूरा करें।
- प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें।
जिला शिक्षा पदाधिकारियों की जिम्मेदारी
इस आदेश के सफल क्रियान्वयन में जिला स्तर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी—
- प्रशिक्षण सूची तैयार करना।
- संबंधित शिक्षकों को सूचना देना।
- प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन।
- उपस्थिति सुनिश्चित करना।
- रिपोर्ट SCERT को भेजना।
शिक्षा व्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
आज शिक्षा केवल किताब पढ़ाने तक सीमित नहीं है।
नई शिक्षा नीति के बाद शिक्षकों को निरंतर प्रशिक्षण देना आवश्यक हो गया है।
इसी उद्देश्य से SCERT समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है ताकि प्रत्येक शिक्षक आधुनिक शिक्षण कौशल से लैस हो सके।
क्या यह आदेश सभी शिक्षकों पर लागू होगा?
नहीं।
यह आदेश मुख्यतः उन शिक्षकों के लिए है जो पूर्व प्रशिक्षण में भाग नहीं ले सके थे और जिनके कारणों को विभाग ने मान्य माना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: प्रशिक्षण कब होगा?
उत्तर: 01 जून 2026 से 20 जून 2026 के बीच।
प्रश्न 2: प्रशिक्षण कितने दिन का होगा?
उत्तर: 5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण।
प्रश्न 3: क्या अवकाश मिलेगा?
उत्तर: हाँ, क्षतिपूर्ति अवकाश मिलेगा जिसका उपयोग 31 दिसंबर 2026 तक किया जा सकता है।
प्रश्न 4: यदि प्रशिक्षण में नहीं गए तो?
उत्तर: आदेश के अनुसार बिना उचित कारण प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
प्रश्न 5: यह आदेश किसने जारी किया?
उत्तर: राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), बिहार द्वारा।
निष्कर्ष
SCERT बिहार का यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिन शिक्षकों को पिछले सत्र में प्रशिक्षण का अवसर नहीं मिल पाया था, उन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रशिक्षण को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यदि शिक्षक बिना उचित कारण अनुपस्थित रहते हैं तो विभागीय कार्रवाई संभव है।
प्रशिक्षण के बदले क्षतिपूर्ति अवकाश की व्यवस्था शिक्षकों के हितों का भी ध्यान रखती है। ऐसे में संबंधित शिक्षकों को चाहिए कि वे समय पर प्रशिक्षण में भाग लें और अपनी पेशेवर दक्षता को और अधिक सुदृढ़ बनाएं।