बिहार शिक्षक अवकाश नियम 2026: शिक्षकों के लिए जरूरी जानकारी
बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए अवकाश संबंधी नियमों की जानकारी होना आवश्यक है। अवकाश के लिए आवेदन कैसे करें, आवेदन कितने दिनों में आगे बढ़ाया जाना चाहिए, स्वीकृति में देरी होने पर क्या करें और शिकायत कहाँ दर्ज करें—ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब हर शिक्षक को पता होना चाहिए।
बिहार शिक्षा विभाग के अवकाश संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure—SOP) के उपलब्ध विवरण के अनुसार, 5 सितंबर 2026 से अवकाश आवेदन e-Shikshakosh पोर्टल के Leave Module के माध्यम से किए जाने का निर्देश दिया गया है।
इस SOP विवरण में आकस्मिक अवकाश (CL), आवेदन अग्रसारण की समय-सीमा, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के निर्णय और शिकायत निवारण की प्रक्रिया से संबंधित प्रमुख बिंदु दिए गए हैं।
इस लेख में इन बिंदुओं के साथ शिक्षकों के प्रमुख अवकाश प्रकारों, ऑनलाइन आवेदन की सामान्य प्रक्रिया और शिकायत के नमूना प्रारूप की जानकारी दी गई है।
महत्वपूर्ण नोट: नीचे दी गई SOP की तारीखों और समय-सीमाओं को उपलब्ध विवरण के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। प्रकाशन से पहले मूल विभागीय आदेश से इनकी पुष्टि करें। अवकाश की अंतिम पात्रता, अवधि और वेतन संबंधी नियम संबंधित सेवा नियमों और विभागीय निर्देशों के अनुसार लागू होंगे।
1. शिक्षकों के अवकाश SOP 2026 के 9 मुख्य बिंदु
1. ऑनलाइन अवकाश आवेदन अनिवार्य
उपलब्ध SOP विवरण के अनुसार, 5 सितंबर 2026 से सभी प्रकार के अवकाश आवेदन e-Shikshakosh पोर्टल के Leave Module के माध्यम से किए जाने हैं।
शिक्षकों को पोर्टल पर लॉगिन करके संबंधित अवकाश का चयन करना चाहिए। आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति और संबंधित अधिकारी की कार्रवाई पर नजर रखना भी जरूरी है।
ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने का प्रावधान भी दिए गए विवरण में बताया गया है। किसी विशेष परिस्थिति में वैकल्पिक प्रक्रिया लागू है या नहीं, इसकी पुष्टि विभागीय आदेश से करें।
2. अवकाश पर जाने से पहले स्वीकृति जरूरी
सामान्य परिस्थितियों में अवकाश पर जाने से पहले सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त करनी चाहिए।
केवल ऑनलाइन आवेदन जमा कर देना अवकाश स्वीकृत होने के बराबर नहीं है। आकस्मिक या चिकित्सीय आपातस्थिति में लागू नियमों के अनुसार सूचना देने और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने की जरूरत हो सकती है।
3. आकस्मिक अवकाश (CL): सामान्यतः 16 दिन
उपलब्ध SOP विवरण के अनुसार, आकस्मिक अवकाश (Casual Leave—CL) सामान्यतः एक कैलेंडर वर्ष में 16 दिन अनुमान्य है।
नए नियुक्त शिक्षकों के लिए नियुक्ति वर्ष में नियमानुसार आनुपातिक गणना लागू हो सकती है।
CL की पात्रता, उपयोग की शर्तें और अन्य प्रतिबंध संबंधित सेवा नियमों के अनुसार होंगे।
4. आवेदन अग्रसारण की समय-सीमा: 3 कार्यदिवस
उपलब्ध विवरण के अनुसार, अन्य अवकाश आवेदनों को प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक या संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) द्वारा अधिकतम 3 कार्यदिवसों के भीतर अग्रसारित किया जाना चाहिए।
यह आवेदन आगे भेजने की समय-सीमा है, अंतिम स्वीकृति की नहीं।
5. DEO द्वारा निर्णय: 7 कार्यदिवस
जिला शिक्षा पदाधिकारी (District Education Officer—DEO) को आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकतम 7 कार्यदिवसों में स्वीकृति या कारण सहित अस्वीकृति का निर्णय लेने की समय-सीमा बताई गई है।
आवेदन अस्वीकृत होने पर शिक्षक को उपलब्ध निर्णय और उसके कारण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए।
6. कार्रवाई नहीं होने पर स्वतः अग्रसारण
दिए गए SOP विवरण के अनुसार, यदि निर्धारित 3 कार्यदिवसों में संबंधित स्तर पर कार्रवाई नहीं होती है, तो आवेदन सिस्टम द्वारा स्वतः जिला शिक्षा पदाधिकारी को अग्रसारित किए जाने का प्रावधान है।
शिक्षक को पोर्टल पर आवेदन की स्थिति की जाँच करते रहना चाहिए।
7. शिकायत निवारण के लिए Grievance Module
अवकाश अस्वीकृत होने, माँगी गई अवधि से कम अवकाश स्वीकृत होने या आवेदन लंबित रहने की स्थिति में e-Shikshakosh के Grievance Module में शिकायत दर्ज करने का प्रावधान बताया गया है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, शिकायत निस्तारण की अधिकतम समय-सीमा 7 दिन है।
शिकायत करते समय आवेदन संख्या, आवेदन की तारीख, अवकाश की अवधि और पोर्टल पर दिखाई देने वाली स्थिति का विवरण सुरक्षित रखें।
8. स्वीकृत अवकाश और वेतन
दिए गए SOP विवरण में नियमानुसार स्वीकृत अवकाश की अवधि में वेतन नहीं रोकने की बात कही गई है।
हालाँकि, विभिन्न अवकाशों के दौरान देय वेतन, भत्ते और सेवा लाभ संबंधित अवकाश के नियमों के अनुसार निर्धारित हो सकते हैं। इसलिए सभी प्रकार के अवकाश में समान वेतन मिलने की गारंटी न मानें।
9. बिना स्वीकृति अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई
बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने पर लागू सेवा नियमों और विभागीय निर्देशों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
इसलिए आवेदन की स्थिति जाँचें, स्वीकृति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और आपातस्थिति में लागू सूचना प्रक्रिया का पालन करें।
2. अवकाश SOP की समय-सीमा: एक नजर में
| विषय | उपलब्ध SOP विवरण |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन | 5 सितंबर 2026 से e-Shikshakosh Leave Module |
| आकस्मिक अवकाश (CL) | सामान्यतः 16 दिन प्रति कैलेंडर वर्ष |
| आवेदन अग्रसारण | अधिकतम 3 कार्यदिवस |
| DEO का निर्णय | आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकतम 7 कार्यदिवस |
| स्वतः अग्रसारण | 3 कार्यदिवस में कार्रवाई न होने पर DEO को |
| शिकायत निस्तारण | अधिकतम 7 दिन |
ध्यान दें: कार्यदिवस और कैलेंडर दिवस अलग होते हैं। समय-सीमा की गणना मूल विभागीय SOP में दिए गए नियमों के अनुसार की जानी चाहिए।
3. बिहार के शिक्षकों के लिए अवकाश के प्रमुख प्रकार
शिक्षकों के लिए विभिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग प्रकार के अवकाश लागू हो सकते हैं। हर अवकाश की पात्रता, अवधि और वेतन संबंधी नियम समान नहीं होते।
3.1 आकस्मिक अवकाश (Casual Leave—CL)
CL का उपयोग सामान्यतः अल्पकालिक व्यक्तिगत आवश्यकताओं या अचानक उत्पन्न परिस्थितियों में किया जाता है।
उपलब्ध SOP विवरण के अनुसार सामान्यतः एक कैलेंडर वर्ष में 16 दिन अनुमान्य।
नए नियुक्त शिक्षकों के लिए नियुक्ति वर्ष में आनुपातिक गणना संभव।
ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन आवश्यक।
अन्य पात्रता और प्रतिबंध लागू नियमों से निर्धारित होंगे।
3.2 विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave)
विशेष आकस्मिक अवकाश कुछ निर्धारित परिस्थितियों में लागू नियमों के अंतर्गत मिल सकता है। इसकी पात्रता और अवधि संबंधित कारण तथा विभागीय निर्देशों पर निर्भर करती है।
आवेदन में कारण स्पष्ट लिखें और आवश्यक प्रमाणपत्र संलग्न करें।
3.3 मातृत्व अवकाश (Maternity Leave)
मातृत्व अवकाश पात्र महिला कर्मचारियों के लिए लागू सेवा नियमों के अनुसार दिया जा सकता है।
आवेदन करते समय प्रस्तावित अवधि, आवश्यक चिकित्सीय या अन्य निर्धारित दस्तावेज तथा पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन विकल्पों की जाँच करें।
3.4 शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave—CCL)
शिशु देखभाल अवकाश पात्र कर्मचारियों को लागू नियमों और शर्तों के अधीन बच्चे की देखभाल से संबंधित आवश्यकताओं के लिए मिल सकता है।
इसकी पात्रता, अनुमत अवधि और स्वीकृति प्रक्रिया संबंधित सेवा नियमों से निर्धारित होती है।
3.5 पितृत्व अवकाश (Paternity Leave)
पितृत्व अवकाश पात्र कर्मचारियों के लिए लागू नियमों के अंतर्गत दिया जा सकता है। इसकी अवधि और शर्तें कर्मचारी की सेवा-श्रेणी तथा संबंधित आदेशों पर निर्भर करती हैं।
3.6 उपार्जित अवकाश (Earned Leave—EL)
उपार्जित अवकाश सेवा के दौरान लागू नियमों के अनुसार अर्जित या खाते में जमा होने वाला अवकाश है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध अवकाश शेष की जाँच करें।
3.7 आधे वेतन पर अवकाश (Half Pay Leave—HPL)
आधे वेतन पर अवकाश पात्रता और उपलब्ध अवकाश के आधार पर लागू नियमों के अनुसार दिया जा सकता है। इसकी स्वीकृति तथा वेतन संबंधी प्रभाव संबंधित नियमों से निर्धारित होंगे।
3.8 रूपांतरित अवकाश (Commuted Leave)
रूपांतरित अवकाश में निर्धारित शर्तों के अंतर्गत उपलब्ध आधे वेतन पर अवकाश को रूपांतरित करके उपयोग किया जा सकता है। पात्रता, चिकित्सीय प्रमाणपत्र की आवश्यकता और अवकाश खाते पर प्रभाव लागू नियमों से तय होते हैं।
3.9 असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave—EOL)
असाधारण अवकाश निर्धारित परिस्थितियों में लागू नियमों के अनुसार दिया जा सकता है। इसकी स्वीकृति, अवधि तथा सेवा और वेतन पर प्रभाव संबंधित नियमों पर निर्भर करते हैं।
3.10 अदेय अवकाश (Leave Not Due)
अदेय अवकाश विशेष पात्रता और निर्धारित शर्तों के अधीन दिया जा सकता है। आवेदन से पहले संबंधित सेवा नियमों में पात्रता तथा भविष्य के अवकाश खाते पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी लें।
3.11 चिकित्सीय अवकाश (Medical Leave)
चिकित्सीय कारण से अवकाश लेने के लिए संबंधित अवकाश प्रकार, उपलब्ध पात्रता और लागू विभागीय नियमों का पालन करना आवश्यक है। चिकित्सीय प्रमाणपत्र की जरूरत संबंधित नियमों के अनुसार हो सकती है।
महत्वपूर्ण: ऊपर बताए गए अवकाश प्रकारों की वास्तविक अवधि और पात्रता के लिए संबंधित सेवा नियमों तथा लागू विभागीय आदेशों को अंतिम आधार मानें।
4. e-Shikshakosh से अवकाश के लिए आवेदन कैसे करें?
पोर्टल के वास्तविक विकल्प बदल सकते हैं, लेकिन सामान्यतः आवेदन प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल हो सकते हैं:
लॉगिन करें: e-Shikshakosh पोर्टल पर अपने अधिकृत विवरण से प्रवेश करें।
Leave Module खोलें: उपलब्ध अवकाश आवेदन विकल्प चुनें।
अवकाश का प्रकार चुनें: CL, EL, HPL, CCL या अन्य लागू विकल्प का चयन करें।
विवरण भरें: अवकाश की आरंभ और समाप्ति तिथि तथा कारण दर्ज करें।
दस्तावेज संलग्न करें: जहाँ आवश्यक हो, संबंधित प्रमाणपत्र या दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन सबमिट करें: सभी विवरण जाँचकर आवेदन जमा करें।
संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें: उपलब्ध आवेदन संख्या या संदर्भ विवरण नोट कर लें।
स्थिति जाँचें: आवेदन लंबित, अग्रसारित, स्वीकृत या अस्वीकृत है या नहीं, यह देखें।
स्वीकृति की पुष्टि करें: सामान्य परिस्थितियों में स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही अवकाश पर जाएँ।
5. आवेदन लंबित रहने पर क्या करें?
यदि आवेदन निर्धारित समय में आगे नहीं बढ़ता है, तो शिक्षक निम्न कदम उठा सकते हैं:
पोर्टल पर आवेदन की वर्तमान स्थिति जाँचें।
आवेदन जमा करने की तारीख और संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें।
संबंधित प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक या BEO से नियमानुसार संपर्क करें।
3 कार्यदिवस में कार्रवाई नहीं होने पर स्वतः अग्रसारण के प्रावधान की स्थिति जाँचें।
आवश्यकता होने पर Grievance Module में शिकायत दर्ज करें।
शिकायत का संदर्भ नंबर और उपलब्ध रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
6. अवकाश अस्वीकृत होने पर शिकायत कैसे करें?
अवकाश अस्वीकृत होने, माँगी गई अवधि से कम अवकाश मिलने या आवेदन लंबित रहने की स्थिति में उपलब्ध विभागीय शिकायत निवारण व्यवस्था का उपयोग किया जा सकता है।
दिए गए SOP विवरण के अनुसार, e-Shikshakosh के Grievance Module में शिकायत दर्ज करने और उसके निस्तारण के लिए अधिकतम 7 दिन की समय-सीमा बताई गई है।
शिकायत में ये विवरण शामिल करें:
शिक्षक का नाम, पद और विद्यालय।
आवेदन संख्या या संदर्भ विवरण।
अवकाश का प्रकार और माँगी गई अवधि।
आवेदन जमा करने की तारीख।
पोर्टल पर दिखाई देने वाली स्थिति।
अस्वीकृति या विलंब का संक्षिप्त विवरण।
आवश्यक सहायक दस्तावेज।
शिकायत जमा करने के बाद उपलब्ध संदर्भ नंबर सुरक्षित रखें।
7. लंबित अवकाश आवेदन के लिए शिकायत-पत्र का नमूना
सेवा में,
संबंधित शिकायत निवारण प्राधिकारी,
बिहार शिक्षा विभाग।
विषय: लंबित अवकाश आवेदन के संबंध में शिकायत।
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैंने e-Shikshakosh पोर्टल पर दिनांक [आवेदन की तारीख] को [अवकाश का प्रकार] के लिए आवेदन किया था। मेरे आवेदन का संदर्भ नंबर [आवेदन संख्या] है।
पोर्टल पर आवेदन की वर्तमान स्थिति [वर्तमान स्थिति] दिखाई दे रही है। निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद आवेदन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण यह शिकायत प्रस्तुत कर रहा/रही हूँ।
अतः अनुरोध है कि मेरे आवेदन की स्थिति की जाँच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।
संलग्नक: आवेदन का विवरण, पोर्टल स्थिति का रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेज।
भवदीय,
नाम: [शिक्षक का नाम]
पद: [पदनाम]
विद्यालय: [विद्यालय का नाम]
दिनांक: [तारीख]
नोट: यह एक सामान्य नमूना है। शिकायत वास्तविक e-Shikshakosh Grievance Module या लागू विभागीय प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करें।
8. बिहार शिक्षक अवकाश SOP 2026: FAQs
प्रश्न 1: बिहार में शिक्षक अवकाश के लिए आवेदन कहाँ करना है?
उपलब्ध SOP विवरण के अनुसार, 5 सितंबर 2026 से e-Shikshakosh पोर्टल के Leave Module से आवेदन किए जाने का निर्देश है।
प्रश्न 2: शिक्षकों को साल में कितने CL मिलते हैं?
उपलब्ध विवरण के अनुसार, सामान्यतः एक कैलेंडर वर्ष में 16 दिन CL अनुमान्य हैं। नए नियुक्त शिक्षकों के लिए नियुक्ति वर्ष में आनुपातिक गणना लागू हो सकती है।
प्रश्न 3: आवेदन कितने दिनों में अग्रसारित होना चाहिए?
दिए गए SOP विवरण के अनुसार, अन्य अवकाश आवेदन अधिकतम 3 कार्यदिवसों में अग्रसारित किए जाने चाहिए।
प्रश्न 4: DEO को कितने दिनों में निर्णय लेना है?
उपलब्ध विवरण के अनुसार, आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकतम 7 कार्यदिवसों में स्वीकृति या कारण सहित अस्वीकृति का निर्णय लिया जाना चाहिए।
प्रश्न 5: तीन कार्यदिवस में कार्रवाई नहीं होने पर क्या होगा?
दिए गए विवरण के अनुसार, आवेदन सिस्टम द्वारा स्वतः जिला शिक्षा पदाधिकारी को अग्रसारित किए जाने का प्रावधान है। इसकी स्थिति पोर्टल पर जाँचें।
प्रश्न 6: अवकाश अस्वीकृत होने पर शिकायत कहाँ करें?
e-Shikshakosh के Grievance Module में शिकायत दर्ज करने का प्रावधान उपलब्ध विवरण में बताया गया है।
प्रश्न 7: शिकायत कितने दिनों में निस्तारित होनी चाहिए?
दिए गए SOP विवरण के अनुसार, शिकायत निस्तारण की अधिकतम समय-सीमा 7 दिन है।
प्रश्न 8: क्या आवेदन जमा करना ही अवकाश की स्वीकृति है?
नहीं। आवेदन जमा करना और उसका स्वीकृत होना अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं। सामान्य स्थिति में स्वीकृति की पुष्टि करें।
प्रश्न 9: क्या बिना स्वीकृति अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई हो सकती है?
हाँ। लागू सेवा नियमों और विभागीय निर्देशों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
प्रश्न 10: मातृत्व, CCL, EL और HPL की अवधि कहाँ से पता करें?
इन अवकाशों की अवधि, पात्रता और शर्तों के लिए अपने संवर्ग पर लागू सेवा नियमों और विभागीय आदेशों की जाँच करें।
9. शिक्षकों के लिए जरूरी सावधानियाँ
आवेदन में सही तारीख और विवरण भरें।
आवेदन की संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें।
केवल आवेदन जमा होने को स्वीकृति न समझें।
पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखते रहें।
लंबित आवेदन के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाएँ।
शिकायत दर्ज करने पर उसका संदर्भ नंबर सुरक्षित रखें।
अवकाश की अवधि और पात्रता के लिए लागू सेवा नियमों की पुष्टि करें।
बिना स्वीकृति अनुपस्थित रहने से पहले लागू नियमों और आपातकालीन सूचना प्रक्रिया को समझें।
निष्कर्ष
बिहार के शिक्षकों के लिए अवकाश संबंधी SOP को समझना और निर्धारित आवेदन प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन, 3 कार्यदिवस में आवेदन अग्रसारण, DEO द्वारा 7 कार्यदिवस में निर्णय तथा शिकायत निवारण की समय-सीमा इसके प्रमुख बिंदु हैं।
CL के लिए सामान्यतः 16 दिन प्रति कैलेंडर वर्ष का प्रावधान बताया गया है, जबकि अन्य अवकाशों की पात्रता और अवधि संबंधित सेवा नियमों पर निर्भर करती है।
शिक्षक आवेदन की स्थिति पर नजर रखें, स्वीकृति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और आवश्यकता होने पर विभागीय शिकायत निवारण व्यवस्था का उपयोग करें।
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