बिहार में पुस्तकालयाध्यक्षों के Transfer को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। बिहार शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्रांक- ,पत्रांक- 11(नि०)/वि०-56/2026/921, दिनांक- 20 अगस्त 2026 के अनुसार पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है।
बिहार में पुस्तकालयाध्यक्षों का Transfer: नए नियम, प्रक्रिया, गृह क्षेत्र और अपील की पूरी जानकारी
बिहार शिक्षा विभाग ने 20 अगस्त 2026 को बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 में संशोधन करते हुए विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। यह संशोधन बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के नियम 11 में संशोधन तथा बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 के तहत नियुक्ति और कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट करने के उद्देश्य से किया गया है।
इस नए प्रावधान से पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण की प्रक्रिया, नियुक्ति प्राधिकारी, वरीयता, गृह क्षेत्र, प्रशासनिक स्थानांतरण और अपील से संबंधित व्यवस्था को अधिक स्पष्ट किया गया है।
पुस्तकालयाध्यक्ष किसे माना जाएगा?
संशोधित नियमावली में “पुस्तकालयाध्यक्ष” से आशय बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 के तहत आयोजित सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण एवं विद्यालय में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्ष से है।
इसका मतलब है कि इस प्रावधान में संबंधित श्रेणी के विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों को स्थानांतरण व्यवस्था के दायरे में शामिल किया गया है।
पुस्तकालयाध्यक्ष की नियुक्ति का प्राधिकार कौन होगा?
पत्र में पुस्तकालयाध्यक्ष की नियुक्ति से संबंधित प्राधिकार को भी स्पष्ट किया गया है।
सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण एवं विद्यालय में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्ष के स्थानांतरण/पदस्थापन के लिए संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी को सक्षम नियुक्ति प्राधिकारी बताया गया है।
यह प्रावधान पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रशासनिक प्रक्रिया को स्पष्ट करता है।
पुस्तकालयाध्यक्ष के पद की विशिष्टता
संशोधन में पुस्तकालयाध्यक्ष के पद की विशिष्टता के संबंध में भी नया प्रावधान जोड़ा गया है।
पत्र के अनुसार, उच्च माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्ष का पद गैर-विषय तथा एकल/सीमित पद की श्रेणी में आता है। इसलिए स्थानांतरण के नियम विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्ष की उपलब्धता एवं संचालन के अनुरूप लागू होंगे।
यह प्रावधान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पुस्तकालयाध्यक्ष का पद सामान्य विषय-शिक्षक के पद से अलग प्रकृति का है।
पुस्तकालयाध्यक्षों का स्थानांतरण कैसे होगा?
संशोधित नियमों में पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए विशेष स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
पत्र के अनुसार पुस्तकालयाध्यक्षों का स्थानांतरण सामान्य, ऐच्छिक, पारस्परिक एवं प्रशासनिक आधार पर विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा।
इसका अर्थ है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन और पोर्टल आधारित बनाया गया है।
वरीयता अंक के आधार पर स्थानांतरण
यदि किसी एक विद्यालय या पद के लिए एक से अधिक पुस्तकालयाध्यक्षों के आवेदन प्राप्त होते हैं, तो उनकी प्राथमिकता निर्धारित करने के लिए वरीयता अंक प्रणाली लागू होगी।
पत्र के अनुसार वरीयता निर्धारण में सेवा अंक, पदस्थापन स्थल अंक तथा अन्य निर्धारित वरीयता अंक शामिल होंगे। इनमें गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, महिला और एकल अभिभावक जैसी परिस्थितियों के आधार पर दिए जाने वाले अंक भी शामिल हैं।
इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में निर्धारित मानकों के आधार पर प्राथमिकता तय करने की व्यवस्था बनाई गई है।
पारस्परिक स्थानांतरण का प्रावधान
पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए पारस्परिक स्थानांतरण की व्यवस्था भी रखी गई है।
पत्र के अनुसार दो पुस्तकालयाध्यक्ष संयुक्त सहमति के आधार पर विभागीय पोर्टल के माध्यम से पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस प्रकार आपसी सहमति से स्थानांतरण चाहने वाले पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध होगी।
महिला पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए गृह क्षेत्र का प्रावधान
महिला पुस्तकालयाध्यक्षों के पदस्थापन के लिए गृह क्षेत्र से संबंधित विशेष व्यवस्था की गई है।
पत्र के अनुसार महिला पुस्तकालयाध्यक्षों का पदस्थापन उनके अनुरोध पर उनके गृह प्रखंड के अंतर्गत गृह पंचायत को छोड़कर, रिक्ति एवं विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा। गंभीर बीमारी या उच्च दिव्यांगता के मामलों में सक्षम प्राधिकारी को छूट देने की व्यवस्था भी बताई गई है।
पुरुष पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए गृह क्षेत्र का प्रावधान
पुरुष पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए भी गृह क्षेत्र से संबंधित प्रावधान दिया गया है।
पत्र के अनुसार पुरुष पुस्तकालयाध्यक्षों का पदस्थापन उनके अनुरोध पर गृह जिला के अंतर्गत गृह प्रखंड को छोड़कर अथवा अन्य जिला में रिक्ति की उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा।
इस प्रावधान को पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा सकता है।
प्रशासनिक और अनुशासनिक स्थानांतरण
पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए प्रशासनिक एवं अनुशासनिक स्थानांतरण का भी प्रावधान किया गया है।
पत्र के अनुसार वित्तीय अनियमितता, अनुशासनहीनता, भंडार-पाठन/पुस्तकालय संचालन में लापरवाही अथवा अनुचित व्यवहार प्रमाणित होने पर जिला पदाधिकारी या जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुशंसा के आधार पर प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किया जा सकता है।
हालांकि, ऐसे मामले में संबंधित पुस्तकालयाध्यक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा और 07 कार्य दिवस के अंदर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का प्रावधान है।
विद्यालयवार जानकारी पोर्टल पर अपडेट होगी
स्थानांतरण व्यवस्था को सही तरीके से संचालित करने के लिए विद्यालयवार जानकारी को भी अपडेट किया जाना जरूरी है।
पत्र के अनुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थापना समिति की बैठक से पहले विद्यालयवार स्वीकृत एवं कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों की अद्यतन जानकारी तथा रिक्ति की स्थिति विभागीय पोर्टल पर अपडेट कर दी गई हो।
स्थानांतरण के खिलाफ अपील का अधिकार
स्थानांतरण आदेश से असंतुष्ट पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए अपील की व्यवस्था भी दी गई है।
यदि जिला स्थापना समिति के निर्णय के विरुद्ध कोई पुस्तकालयाध्यक्ष आदेश प्राप्त होने के 15 दिनों के अंदर अपील करना चाहता है, तो वह प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील दायर कर सकता है।
इसी प्रकार राज्य स्थापना समिति द्वारा स्थानांतरण के संबंध में पारित आदेश के विरुद्ध भी निर्धारित समय के भीतर विभाग के सक्षम स्तर पर अपील की व्यवस्था दी गई है।
किन आधारों पर शिकायत या अपील नहीं की जा सकेगी?
पत्र में शिकायतों की सीमा भी स्पष्ट की गई है।
शिकायत केवल तथ्यात्मक या प्रक्रियात्मक त्रुटियों, जैसे सेवा अवधि, दिव्यांगता अंक या गलत विवरण आदि से संबंधित हो सकती है।
केवल इसलिए कि किसी पुस्तकालयाध्यक्ष को उसकी पसंद का विद्यालय नहीं मिला, इसे अपने आप में अपील का वैध आधार नहीं माना जाएगा।
पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए यह संशोधन क्यों महत्वपूर्ण है?
इस संशोधन से पुस्तकालयाध्यक्षों को स्थानांतरण व्यवस्था में एक स्पष्ट ढांचा मिलता है। सामान्य, ऐच्छिक, पारस्परिक और प्रशासनिक स्थानांतरण के लिए अलग-अलग आधार बताए गए हैं।
साथ ही गृह क्षेत्र, वरीयता अंक, रिक्ति, विभागीय पोर्टल और अपील जैसी व्यवस्थाओं को भी नियमों में शामिल किया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करने का प्रावधान दिया गया है।
पुस्तकालयाध्यक्षों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होने वाले पुस्तकालयाध्यक्षों को अपनी सेवा संबंधी जानकारी, पदस्थापन स्थल, सेवा अवधि और अन्य आवश्यक विवरण सही रखना चाहिए।
विशेष रूप से पोर्टल पर उपलब्ध व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी की जांच करना उपयोगी होगा, क्योंकि वरीयता निर्धारण और स्थानांतरण प्रक्रिया में इन्हीं विवरणों की भूमिका हो सकती है।
यदि स्थानांतरण आदेश में कोई तथ्यात्मक या प्रक्रियात्मक गलती दिखाई देती है, तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपील की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
निष्कर्ष
20 अगस्त 2026 के बिहार शिक्षा विभाग के इस संशोधन से पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण और पदस्थापन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
इसमें पुस्तकालयाध्यक्ष की परिभाषा, नियुक्ति प्राधिकारी, पद की विशिष्टता, ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया, वरीयता अंक, पारस्परिक स्थानांतरण, महिला एवं पुरुष पुस्तकालयाध्यक्षों के गृह क्षेत्र संबंधी प्रावधान, प्रशासनिक एवं अनुशासनिक स्थानांतरण तथा अपील की व्यवस्था शामिल है।
इसलिए बिहार के पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए यह संशोधन काफी महत्वपूर्ण है। स्थानांतरण से संबंधित कोई भी आवेदन या निर्णय लेने से पहले संबंधित विभाग द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देश और विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को अवश्य देखना चाहिए।
FAQ
1. बिहार में Librarian Transfer के नए नियम कब जारी हुए?
बिहार शिक्षा विभाग ने यह संशोधन 20 अगस्त 2026 को जारी किया है।
2. क्या Librarian का Transfer ऑनलाइन होगा?
हाँ। पत्र में पुस्तकालयाध्यक्षों के सामान्य, ऐच्छिक, पारस्परिक और प्रशासनिक स्थानांतरण को विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करने का प्रावधान है।
3. क्या पारस्परिक Transfer का प्रावधान है?
हाँ। दो पुस्तकालयाध्यक्ष संयुक्त सहमति के आधार पर विभागीय पोर्टल के माध्यम से पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
4. पुरुष पुस्तकालयाध्यक्ष के गृह क्षेत्र के संबंध में क्या नियम है?
उनके अनुरोध पर गृह जिला के अंतर्गत गृह प्रखंड को छोड़कर अथवा अन्य जिला में रिक्ति के अनुसार पदस्थापन का प्रावधान है।
5. महिला पुस्तकालयाध्यक्ष के लिए क्या विशेष व्यवस्था है?
उनके अनुरोध पर गृह प्रखंड के अंतर्गत गृह पंचायत को छोड़कर रिक्ति एवं विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार पदस्थापन का प्रावधान है।
6. प्रशासनिक Transfer किन परिस्थितियों में हो सकता है?
वित्तीय अनियमितता, अनुशासनहीनता, पुस्तकालय संचालन में लापरवाही या अनुचित व्यवहार प्रमाणित होने पर प्रशासनिक स्थानांतरण किया जा सकता है।
7. Transfer Order के खिलाफ कितने दिनों में अपील करनी होगी?
जिला स्थापना समिति के निर्णय के विरुद्ध आदेश जारी होने के 15 दिनों के अंदर प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील की जा सकती है।